सफ़ेद दाग क्या होते हैं !सफेद दाग मिटा सकते हैं ?

सफेद दाग का घरेलू इलाज : Safed Daag Treatment in hindi
1)क्यों हो है सफेद दाग यानी विटिलिगो?

अभी तक आपने लोगों को यह कहते सुना होगा कि मछली खाने के बाद दूधमत पीना, वर्ना सफेद दाग पड़ जाएंगे! लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस बात में कोई सच्चाई नहीं है। सफेद दाग, जिसे मेडिकल की भाषा में विटिलिगो कहा जाता है, असल में त्वचा से संबंधित एक रोग है जिसका खानपान से कोई संबंध नहीं है। तो आखिर क्या है सफेद दाग, इसके लक्षण, इससे जुड़े मिथक और इनकी हकीकत, जानें.

 2)सफेद दाग के लक्षण

– त्वचा पर छोटा सफेद दाग जो समय के साथ बढ़ता जाता है, मुख्यतौर पर शरीर का वह हिस्सा जिस पर सीधे सूर्य की रोशनी पड़ती है।

– एक व्यक्ति जिसको पहले से ही सफेद दाग हो और उसी दाग पर चोट लग जाने से सफेद दाग बढ़ जाए, तो डॉक्टर के पास तुरंत जाना चाहिए।

– इस तरह के सफेद दागों में दर्द नहीं होता है और खुजली भी नहीं होती, लेकिन जब धूप में आते हैं, तो जलन होना शुरू हो जाती है।

 

– बालों का समय से पहले सफेद होना।

 3)  मिथक- मछली खाने के तुरंत बाद दूध पीने से सफेद दाग हो सकता है।

सच्चाई- विटिलिगो यानी सफेद दाग एक ऑटो इम्यून सिंड्रोम है, जो भोजन से संबंधित नहीं है। सर गंगा राम अस्पताल के डर्मेटॉल्जिस्ट डॉ रोहित बत्रा से जब इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसे सिरे से नकार दिया और कहा कि मछली खाने के बाद दूध पीने से सफेद दाग पड़ने की बात पूरी तरह से मिथक है क्योंकि सफेद दाग असल में त्वचा से संबंधित एक रोग है।

4) मिथक- सफेद दाग वाले लोग मानसिक या शारीरिक रूप से कमजोर होते हैं।

सच्चाई- विटिलिगो पूरी तरह से त्वचा तक सीमित है। यह शरीर के किसी अन्य अंग को मानसिक या शारीरिक रूप से प्रभावित नहीं करता।

5) मिथक- सफेद दाग एक प्रकार का कुष्ठ रोग है और दूसरे में भी फैलता है।

सच्चाई- सफेद दाग कुष्ठ रोग से जुड़ा नहीं है। यह संक्रामक भी नहीं है। इसलिए स्पर्श, रक्त, संभोग, सांस लेना, निजी चीजों जैसे तौलिए को साझा करने या पीने के पानी के लिए एक गिलास का उपयोग करने से एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंच सकता।

6) मिथक- सफेद दाग लाइलाज बीमारी है।

सच्चाई- ऐसा बिल्कुल नहीं है। हमारे देश में विटिलिगो यानी सफेद दाग के इलाज के लिए पूरी दवाएं और तकनीक हैं। इसके इलाज के लिए नवीनतम तकनीक मेलेनॉइट ट्रांसमिशन है, जिसमें सामान्य त्वचा से केवल मेलानोसाइट्स निकाला जाता है और विटिलिंगियस स्पॉट्स पर इंजेक्ट कर दिया जाता है।0)

7) घरेलू उपाय से दूर होंगे सफेद दाग

कुछ घरेलू उपायों से भी सफेद दाग की समस्या को दूर किया जा सकता है।

– नीम की पत्ती का पेस्ट बनाकर दाग वाली जगह पर लगाएं। इससे खून साफ होगा और सफेद दाग के साथ त्वचा की सारे रोग खत्म हो जाएंगे।
– अपने खाने में ज्यादा से ज्यादा बथुआ शामिल करें। रोज बथुआ उबाल कर उसके पानी से शरीर के सफेद दाग को धोएं।
– अखरोट सफेद दाग में काफी फायदेमंद है। रोज अखरोट खाएं। यह सफेद पड़ चुकी त्वचा को सामान्य करने में मदद करेगा।
– रोजाना अदरक का जूस पिएं और अदरक के एक टुकड़े को खाली पेट चबाएं। साथ ही अदरक को पीसकर सफेद दाग वाली जगह पर लगाएं।

 तांबा तत्व, त्वचा में मेलेनिन के निर्माण के लिए बेहद आवश्यक है। इसके लिए तांबे के बर्तन में रातभर पानी भरकर रखें और सुबह खाली पेट पिएं। बरसों पुराना यह तरीका मेलेनिन निर्माण में सहायक है।
नारियल तेल – यह त्वचा को पुन: वर्णकता प्रदान करने में सहायक है साथ ही त्वचा के लि‍ए बेहतर। इसमें जीवाणुरोधी और संक्रमण विरोधी गुण भी पाए जाते हैं। प्रभावित त्वचा पर दिन में 2 से 3 बार नारियल तेल से मसाज करना फायदेमंद साबित हो सकता है।
 हल्दी – सरसों के तेल के साथ हल्दी पाउडर का लेप बनाकर लगाना फायदेमंद है। इसके लिए 1 कप या लगभग 250 मिलीलीटर सरसों के तेल में 5 बड़े चम्मच हल्दी पाउडर डालकर मिलाएं और इस लेप को दिन में दो बार प्रभावित त्वचा पर लगाएं। 1 साल तक इस प्रयोग को लगातार करें। इसके अलावा आप हल्दी पाउडर और नीम की पत्ति‍यों का लेप भी कर सकते हैं।
नीम – नीम एक बेहतरीन रक्तशोधक और संक्रमण विरोधी तत्वों से भरपूर औषधि‍ है। नीम के पत्त‍ियों को छाछ के साथ पीसकर इसका लेप बनाकर त्वचा पर लगाएं। जब यह पूरी तरह सूख जाए तो इसे धो लें। इसके अलावा आप नीम के तेल का प्रयोग भी कर सकते हैं और नीम के जूस का सेवन भी कर सकते हैं।
लाल मिट्टी – लाल मिट्टी में प्रचुर मात्रा में तांबा पाया जाता है, जो मेलेनिन के निर्माण और त्वचा के रंग का पुन: निर्माण करने में मददगार है। इसे अदरक के रस के साथ मिलाकर भी प्रभावित स्थान पर लगाना फायदेमंद होगा।
अदरक – रक्तसंचार को बेहतर बनाने और मेलेनिन के निर्माण में अदरक काफी फायदेमंद है। इसके रस को पानी में मिलाकर पिएं और प्रभावित त्वचा पर भी लगाएं।
सेब का सिरका – सेब के सिरके को पानी के साथ मिक्स करके प्रभावित त्वचा पर लगाएं। 1 गिलास पानी में 1 चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पीना भी फायदेमंद होगा।
 
 
 
 

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