टाइफाइड के इलाज के लिए ये हैं 5 बेस्‍ट होम रेमेडी:टाइफाइड बुखार के लक्षण

Study finds new superbug typhoid strain behind Pakistan outbreak

टाइफाइड एक गंभीर बीमारी है, यह साल्मोनेला एन्टेरिका सेरोटाइप टाइफी बैक्टीरिया से होता है! यह साल्मोनेला पैराटाइफी बैक्टीरियम से भी फैलता है! यह बैक्टीरिया पानी और खाने के जरिए लोगों के अन्दर जाता है और इसके द्वारा बहुत से लोगों में यह फ़ैल जाता है!

टाइफाइड को दूषित पानी या भोजन को जीतने वाले बैक्टीरिया को पीने या खाने से अनुबंधित किया जाता है। तीव्र बीमारी वाले लोग मल के माध्यम से आसपास के पानी की आपूर्ति को संभावित रूप से दूषित कर सकते हैं, क्योंकि इसमें बैक्टीरिया की उच्च एकाग्रता होती है। बैक्टीरिया पानी या सूखे सीवेज में हफ्तों तक जीवित रह सकते हैं।

टाइफाइड के लिए ऊष्मायन अवधि लगभग 1-2 सप्ताह है और बीमारी लगभग 3-4 सप्ताह तक रहती है। टाइफाइड के लक्षणों में शामिल हैं:

  • सरदर्द
  • 104 डिग्री तक बुखार
  • शरीर में दर्द
  • बिगड़ी हुयी भूख
  • जी मिचलाना
  • दस्त और कब्ज
  • पेट दर्द
  • कफ

अगर समय पर इसका इलाज किया जाए तो इसके लक्षण ३ से ५ दिन में ठीक किये जा सकते हैं, हालांकि, यह आमतौर पर कुछ हफ्तों के दौरान खराब हो सकता है, और कुछ मामलों में टाइफाइड बुखार के विकास की जटिलता एक महत्वपूर्ण जोखिम है। कई लोगों को सीने में जमाव और पेट में दर्द का भी अनुभव होता है। बुखार स्थिर हो जाता है। जटिलताओं के बिना मामलों में तीसरे और चौथे सप्ताह में सुधार देखा जा सकता है। लगभग 10% लोगों में एक से दो सप्ताह तक बेहतर महसूस करने के बाद भी बार-बार लक्षण होते हैं। एंटीबायोटिक दवाओं के साथ इलाज किए गए लोगों में रिलैप्स अधिक आम हैं।

 

टाइफाइड बुखार (Typhoid Fever) साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया के कारण होता है. यह जीवाणु संक्रमण हाई फीवर और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं का कारण बनता है. आमतौर पर दूषित पानी या भोजन खाने से टाइफाइड (Typhoid) होता है. इस बीमारी के लक्षणों में शरीर में दर्द और भूख कम लगना शामिल हैं. बुखार के साथ कुछ लोगों को पिंक स्‍पॉट और स्किन रैश भी (Best Home Remedies For Typhoid Fever) सकते हैं. हाई फीवर 104 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच सकता है. अगर बुखार दवाओं से कंट्रोल नहीं हो रहा हो तो रोगी को अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए. टाइफाइड का टीका व्यक्तियों को बैक्टीरिया से कुछ वर्षों तक संक्रमित होने से रोकने में मदद कर सकता है, लेकिन इसके साथ ही किसी भी तरह के संक्रमण से बचने के लिए आपको फ्रेश और हेल्‍दी डाइट (Healthy Diet) लेना बहुत आवश्यक है. इस बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए यूं तो मार्केट में कई दवाएं उपलब्ध हैं, हालांकि कुछ लोग टाइफाइड के लिए घरेलू उपचार भी इस्‍तेमाल करते हैं 

1. पेय पदार्थों का करें अधिक सेवन

टाइफाइड जैसे रोग अकसर डिहाईड्रेशन का कारण बनते हैं, इसलिए रोगी को हमेशा तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए. तरल पदार्थ पानी, ताजे फल के रस, हर्बल चाय आदि हो सकते हैं. पानी को जीवन में अमृत के रूप में जाना जाता है. यह हमें हाइड्रेटेड रहने में मदद करता है. स्वस्थ और रोग मुक्त जीवन के लिए शरीर में पानी के स्तर को बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है. टाइफाइड दस्त हो सकता है, ऐसे में ताजा जूस का सेवन शरीर से विषाक्त पदार्थों और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को निकालने में मदद करेगा. इतना ही नहीं यह प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने और जीवाणु संक्रमण से लड़ने के लिए आवश्यक पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं.
2. अदरक   
लहसुन को विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य लाभ के लिए जाना जाता है. टाइफाइड बुखार को कंट्रोल करने में भी यह बेहद सहायक हो सकता है. लहसुन में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं और यह रक्त को प्यूरीफाई करने का काम करता है. इसके अलावा लहसुन किडनी से अवांछित पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है. हालांकि, इसका अधिक लाभ लेने के लिए इसे कच्‍चा या अधपका खाना चाहिए. यह टाइफाइड बुखार से पीड़ित व्यक्ति की प्रतिरक्षा को बढ़ावा देता है.

3. तुलसी
तुलसी एक लोकप्रिय जड़ीबूटी है. टाइफाइड बुखार की वजह से आने वाली सूजन और ज्‍वाइंट पेन को कम करने में तुलसी मदद करती है. इसका इस्‍तेमाल कई आयुर्वेदिक दवाओं में भी किया जाता है. इतना ही नहीं यह मलेरिया समेत कई बीमारियों का इलाज करने में सहायता करती है. कुछ लोग इसे चाय में भी डालते हैं. टाइफाइड से पीड़ित व्‍यक्ति को तुलसी डालकर उबला हुआ पानी देने से फायदा होता है. जल्दी राहत के लिए अदरक का रस या काली मिर्च के पावडर में तुलसी का रस मिलकार रोगी को दें. तुलसी के जीवाणुरोधी गुण बैक्टीरिया को हटाने में मदद करते हैं.

4. सेब का सिरका


सेब के सिरके में अम्लीय गुण होते हैं. टाइफाइड के लिए यह काफी अच्छा घरेलू उपाय है. यह हाई फीवर को कम करता है, क्योंकि यह टायफाइड से पीड़ित व्यक्ति के शरीर से गर्मी निकालता है. इसमें खनिज होते हैं जो बीमार होने वाले व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. अगर रोगी को दस्‍त लग गए हैं, तो ऐसे में सेब का सिरका उसके शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है.

 

5. ठंडे पानी की पट्टियां
टाइफाइड में पीड़ित को हाई फीवर रहता है, यह कई दिनों तक बना रहता है. ऐसे में यह जरूरी है कि हम रोगी के शरीर का तापमान सामान्‍य बनाए रखें. इसके लिए आप ठंडे पानी की मदद ले सकते हैं. रोगी के माथे, बगल, पैर और हाथों पर ठंडे पानी की पट्टियां रखते रहें. हालांकि, इस प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जाने वाला पानी बहुत ठंडा नहीं होना चाहिए और कपड़े को समय-समय पर सर्वोत्तम परिणामों के लिए बदला जाना चाहिए.

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